Village Level सरकारी नौकरी, शहर की गुलामी छोड़ो, गांव के राजा बनो
सच कहूँ? शहर में 15-20 हज़ार की प्राइवेट नौकरी करने से लाख गुना बेहतर है अपने गांव में 12 हज़ार की सरकारी नौकरी करना।शहर में वो 20 हज़ार कब किराये, खाने और बस के धक्कों में उड़ जाते हैं, पता भी नहीं चलता। जेब में बचता है शून्य। और गांव में? घर का खाना, शुद्ध …