State PSC Exams: कौन सा सबसे आसान है? ,सच्चाई जानकर चौंक जाओगे

अगर आप एक ‘UPSC एस्पिरेंट’ हैं, या सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले एक गंभीर छात्र हैं, तो आपके दिमाग में एक सवाल जरूर आया होगा: “यार, UPSC तो बहुत टफ है, क्यों न कोई State PCS निकाल लिया जाए? कम से कम ‘SDM’ या ‘DSP’ तो बन ही जाएंगे।”

और फिर शुरू होती है गूगल और यूट्यूब पर खोज—“Easiest State PSC Exam in India.”

हम सब चाहते हैं कि कोई ऐसा जादुई राज्य मिल जाए जहाँ कम्पटीशन कम हो, सिलेबस छोटा हो, और हम आसानी से अफसर बन जाएं। खासकर हिंदी पट्टी के छात्र—यूपी, बिहार, एमपी, राजस्थान—हमेशा एक दूसरे के राज्य में झांकते रहते हैं कि क्या पता वहां दाल गल जाए।

लेकिन दोस्त, हकीकत वह नहीं है जो कोचिंग वाले बताते हैं। “आसान” शब्द सिविल सर्विस की डिक्शनरी में होता ही नहीं है। लेकिन हाँ, कुछ एग्जाम बाकियों के मुकाबले ज्यादा ‘साध्य’ होते हैं।

आज हम इसी का पोस्टमार्टम करेंगे। यूपी, बिहार, एमपी या राजस्थान—कहाँ अफसर बनना सबसे प्रैक्टिकल है? और आपको अपना कीमती जवानी का समय कहाँ निवेश करना चाहिए?

State PSC Exams: कौन सा सबसे आसान है? ,सच्चाई जानकर चौंक जाओगे

1. Easy का मतलब क्या है? पहले ये समझो

किसी भी स्टेट एग्जाम को हम “आसान” कब कह सकते हैं?

  1. नियमितता (Regularity): वो एग्जाम हर साल होता है या पंचवर्षीय योजना है? (अगर एग्जाम 4 साल में एक बार हो रहा है, तो वो आसान होकर भी बेकार है)।
  2. सिलेबस (Syllabus): क्या वो UPSC जैसा है या एकदम अलग है?
  3. बाहरी छात्रों के लिए मौका: क्या वहां दूसरे राज्य के छात्रों के लिए दरवाजे खुले हैं या ‘लोकल जीके’ का ताला लगा है?

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2. BPSC (बिहार)

अगर हम 2026 की बात करें, तो BPSC (Bihar Public Service Commission) इस वक्त भारत का सबसे तेज़ आयोग बन गया है। जिस तरह से इन्होंने पिछले 2-3 सालों में बैक-टू-बैक एग्जाम कराए हैं, वो काबिले तारीफ है।

  • क्यों आसान है?
    • इसका प्रीलिम्स (Prelims) काफी हद तक ‘तथ्यात्मक’ (Factual) होता है। अगर आपकी लुसेंट (Lucent) और घटनाचक्र पर पकड़ है, तो आप निकाल लेंगे।
    • मेंस का सिलेबस बहुत छोटा है (बाकी राज्यों के मुकाबले)।
    • बिहार का ‘लोकल जीके’ बहुत ज्यादा गहरा नहीं है। अगर आप यूपी या एमपी से हैं, तो भी आप बिहार जीके 15 दिन में तैयार कर सकते हैं।
  • पेंच (The Catch):
    • 5 Options: बीपीएससी के सवाल आसान होते हैं, लेकिन उनके ऑप्शन जानलेवा होते हैं। (A, B, C, D और E – इनमें से कोई नहीं/एक से अधिक)। यह दिमाग घुमा देता है।
    • अनिश्चितता: कभी-कभी पेपर लीक या कोर्ट केस की खबरें आती रहती हैं, हालांकि अब सुधार है।

फैसला: अगर आप रटने में तेज हैं और जल्दी नौकरी चाहिए, तो BPSC सबसे बेस्ट दांव है।

3. UPPSC (उत्तर प्रदेश)

यूपी पीसीएस को अब स्टेट एग्जाम कहना गलत होगा। यह छोटा यूपीएससी है।

  • क्यों आसान है?
    • अगर आप UPSC की तैयारी कर रहे हैं, तो UPPSC आपके लिए सबसे आसान है। क्यों? क्योंकि 90% सिलेबस कॉपी-पेस्ट है। आपको अलग से कुछ खास नहीं पढ़ना (सिवाय यूपी स्पेशल के थोड़ा बहुत)।
    • वैकेंसी बहुत बड़ी आती है (SDM और DSP की सीटें ज्यादा होती हैं)।
  • पेंच (The Catch):
    • कम्पटीशन: यहाँ पूरा भारत एग्जाम देने आता है। दिल्ली में बैठा हर UPSC एस्पिरेंट यूपी का फॉर्म भरता है। इसलिए कट-ऑफ बहुत हाई जाती है।
    • लेवल: सवालों का स्तर बहुत ऊंचा हो गया है। अब वन-लाइनर रटकर यूपी नहीं निकलता। कांसेप्ट क्लियर होने चाहिए।

फैसला: अगर आपका बेस मजबूत है और आप UPSC लेवल की पढ़ाई कर चुके हैं, तो यूपी आपके लिए बेस्ट है। लेकिन अगर आप सिर्फ लुसेंट के भरोसे हैं, तो यूपी में टाइम वेस्ट मत करें।

4. MPPSC (मध्य प्रदेश)

एमपी पीसीएस एक अलग ही दुनिया है।

  • क्यों आसान है?
    • इसमें ‘निगेटिव मार्किंग’ का खेल बाकी राज्यों से अलग है (कई बार प्रीलिम्स में नहीं होती थी, हालांकि नियम बदलते रहते हैं)।
    • सवाल बहुत सीधे होते हैं। “नर्मदा नदी कहाँ से निकलती है?”—बस इतना ही।
    • मेंस में मैथ और साइंस का वेटेज नहीं है, जो आर्ट्स वालों को पसंद आता है।
  • पेंच (The Catch):
    • MP GK का समंदर: एमपी पीसीएस में अगर आपको एमपी का लोकल जीके नहीं आता, तो आप प्रीलिम्स भी पास नहीं कर सकते। 100 में से 30-35 सवाल सिर्फ एमपी के होते हैं। बाहरी छात्रों के लिए यह सबसे बड़ी बाधा है।
    • अनियमितता: एमपी का आयोग थोड़ा सुस्त है। रिजल्ट आने में, जॉइनिंग मिलने में बहुत वक्त लगता है। कोर्ट केस और आरक्षण के पेंच यहाँ आम बात हैं।

फैसला: अगर आप एमपी के मूल निवासी हैं, तो इससे बेहतर कुछ नहीं। लेकिन अगर आप यूपी/बिहार से हैं, तो एमपी जीके रटने में आपको नानी याद आ जाएगी।

5. राजस्थान

राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) की नौकरी बहुत शाही है, लेकिन प्रक्रिया बहुत थकाऊ है।

  • क्यों आसान है?
    • पैटर्न बहुत सेट है। पिछले साल के पेपर देखो और लग जाओ।
  • पेंच (The Catch):
    • समय: एक वैकेंसी पूरी होने में 3-4 साल लग जाते हैं। 2026 में फॉर्म भरोगे, तो हो सकता है 2029 में जॉइनिंग मिले। इतना धैर्य किसके पास है?
    • राजस्थान जीके: यहाँ का इतिहास और कल्चर (कला-संस्कृति) इतना विशाल है कि उसे पढ़ने में ही 6 महीने लग जाएंगे। बाहरी छात्रों के लिए यह बहुत मुश्किल है।

6. तो फिर, अपनी नाव कहाँ उतारें?

अब मुद्दे की बात करते हैं। “Easy” वो है जो आपकी ताकत से मेल खाए।

रणनीति 1: होम स्टेट का फायदा (The Home Ground Advantage) सबसे आसान एग्जाम वही है जो आपके गृह राज्य (Home State) का है। क्यों?

  1. आपको वहां का लोकल जीके पहले से थोड़ा पता है।
  2. आपको आरक्षण (Reservation) का लाभ मिलेगा। (याद रखें, अगर आप यूपी के हैं और बिहार का फॉर्म भरते हैं, तो आप वहां ‘General’ कैटेगरी में गिने जाएंगे, चाहे आप अपनी स्टेट में OBC/SC ही क्यों न हों)।
  3. भाषा और कल्चर की समझ।

रणनीति 2: एक के साथ एक फ्री (The Backup) सिर्फ एक स्टेट के भरोसे मत बैठो।

  • अगर आप हिंदी भाषी हैं, तो BPSC और UPPSC का कॉम्बो सबसे बेस्ट है। दोनों का सिलेबस काफी मिलता-जुलता है (सिवाय लोकल जीके के)।
  • अगर आप UPSC कर रहे हैं, तो सिर्फ UPPSC पर फोकस करें।

रणनीति 3: मेंढक की तरह मत कूदो सबसे बड़ी गलती जो छात्र करते हैं—”इस महीने एमपी का फॉर्म आया तो एमपी जीके रटने लगे, अगले महीने उत्तराखंड का आया तो पहाड़ पढ़ने लगे।” ऐसे में आप किसी के नहीं रहोगे। ज्यादा से ज्यादा दो राज्यों को टारगेट करो।

दोस्त, कोई भी स्टेट पीसीएस “Easy” नहीं है। अगर BPSC में पेपर आसान है, तो वहां 5 लाख लोग बैठ रहे हैं, तो कट-ऑफ 110 पार चली जाती है। अगर UPPSC में पेपर टफ है, तो वहां दिल्ली के धुरंधर बैठे हैं।

सबसे आसान एग्जाम वो है जिसकी तैयारी आप शिद्दत से करें। मेरी सलाह? अपने गृह राज्य (Home State) को अपना ‘पति/पत्नी’ बना लो, और पड़ोसी राज्य को ‘गर्लफ्रेंड/बॉयफ्रेंड’। मतलब—पूरा फोकस अपने राज्य पर, और बैकअप के लिए पड़ोसी राज्य का फॉर्म भर दो। 2026 में वैकेंसी की बहार है। इधर-उधर भागना बंद करो, एक सिलेबस पकड़ो और उसे घोट कर पी जाओ। कुर्सी मिल ही जाएगी।

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