Resume कैसे बनाएं: एक ऐसा CV जो आपको नौकरी दिलाए, कूड़ेदान में न जाए

सच कड़वा होता है, लेकिन पहले वो सुन लीजिये। आप बहुत मेहनत से नौकरी के लिए अप्लाई करते हैं। आप सोचते हैं कि HR आपका रेज्यूमे (Resume) बड़े ध्यान से पढ़ेगा, आपकी मेहनत को समझेगा और फिर आपको कॉल करेगा।

हकीकत? एक HR या रिक्रूटर किसी रेज्यूमे को स्कैन करने में औसतन 6 सेकंड लगाता है। सिर्फ 6 सेकंड।

अगर उन 6 सेकंड में उसे वो नहीं दिखा जो वो ढूंढ रहा है, तो आपका रेज्यूमे सीधा ‘Reject’ फोल्डर में जाता है। चाहे आप कितने भी टैलेंटेड क्यों न हों।

भारत में आज भी हम स्कूल के जमाने वाला ‘Bio-Data’ बना रहे हैं, जिसमें पिताजी का नाम और धर्म सबसे ऊपर होता है। 2026 में यह नहीं चलेगा। अगर आपको इंटरव्यू कॉल चाहिए, तो आपको अपना रेज्यूमे बदलना होगा।

यहाँ एक स्टेप-बाय-स्टेप गाइड है कि एक प्रोफेशनल रेज्यूमे कैसे बनाया जाता है जो सच में काम करे।

Resume कैसे बनाएं

1. ‘Bio-Data’ और ‘Resume’ का फर्क समझिए

सबसे पहली और बड़ी गलती: अपने रेज्यूमे के ऊपर बड़े अक्षरों में “RESUME” या “BIO-DATA” लिखना बंद करें। HR को पता है कि यह रेज्यूमे है।

दूसरी बात, अपनी ‘कुंडली’ लिखना बंद करें। प्राइवेट कंपनियों को इससे कोई मतलब नहीं है कि:

  • आपके पिताजी का नाम क्या है।
  • आपका धर्म (Religion) क्या है।
  • आप शादीशुदा हैं या नहीं।
  • आपका पूरा घर का पता (House Number, Gali Number) क्या है।

यह सब पुराने जमाने की बातें हैं। इससे आपका रेज्यूमे भरा-भरा लगता है और काम की बात छुप जाती है। सिर्फ अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल ID और शहर (जैसे: New Delhi) लिखें। काफी है।

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2. फॉर्मेट: फैंसी नहीं, सिंपल चाहिए

इंटरनेट पर आपको बहुत सारे रंग-बिरंगे टेम्पलेट मिलेंगे। दो कॉलम वाले, फोटो वाले, ग्राफ़िक्स वाले। इनसे दूर रहें।

आजकल बड़ी कंपनियाँ ATS (Applicant Tracking System) नाम का एक सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करती हैं। यह सॉफ्टवेयर रेज्यूमे को स्कैन करता है। अगर आपने बहुत ज्यादा डिज़ाइन या ग्राफ़िक्स इस्तेमाल किए हैं, तो सॉफ्टवेयर उसे पढ़ नहीं पाएगा और आपको रिजेक्ट कर देगा।

गोल्डन रूल:

  • सफ़ेद बैकग्राउंड, काले अक्षर।
  • सिंपल फोंट (जैसे Calibri, Arial या Roboto)।
  • बुलेट पॉइंट्स का इस्तेमाल करें।
  • फ़ाइल हमेशा PDF में सेव करें (Word फाइल नहीं, क्योंकि वो अलग कंप्यूटर पर अलग दिख सकती है)।

3. ‘Objective’ नहीं, ‘Summary’ लिखें

क्या आपके रेज्यूमे की शुरुआत भी इस लाइन से होती है? “To work in a challenging environment where I can utilize my skills…”

यह लाइन भारत के लाखों रेज्यूमे में कॉपी-पेस्ट की गई है। इसका कोई मतलब नहीं है। यह जगह की बर्बादी है। HR को पता है कि आपको नौकरी चाहिए।

इसकी जगह “Professional Summary” लिखें। यह आपकी “पिच” है। 2-3 लाइनों में बताएं कि आप कौन हैं और आपने क्या उखाड़ा है।

  • गलत: “मैं एक अच्छी नौकरी की तलाश में हूँ।”
  • सही: “Digital Marketing Specialist with 4 years of experience managing social media for e-commerce brands. Expert in ROI-driven ad campaigns and increasing organic reach by 200%.”

देख रहे हैं फर्क? दूसरा वाला बताता है कि आप कंपनी को फायदा कैसे पहुंचाएंगे।

4. अनुभव : राम-कहानी मत लिखिए

यह रेज्यूमे का सबसे ज़रूरी हिस्सा है। यहाँ लोग अक्सर यह गलती करते हैं कि वो अपनी “ज़िम्मेदारियाँ” (Duties) लिख देते हैं।

  • “Sales team को मैनेज किया।”
  • “ईमेल का जवाब दिया।”
  • “रिपोर्ट बनाई।”

तो क्या हुआ? यह तो आपकी ड्यूटी थी। आपने खास क्या किया? आपको अपने Results (परिणाम) दिखाने होंगे। और इसके लिए Numbers (संख्या) का इस्तेमाल करें।

  • बोरिंग: “मैनेजर के तौर पर काम किया।”
  • दमदार: “10 लोगों की टीम को लीड किया और 2025 में सेल्स को 30% बढ़ाया।”
  • बोरिंग: “कस्टमर सर्विस संभाली।”
  • दमदार: “रोजाना 50+ कस्टमर की समस्याओं को हल किया और कंपनी की रेटिंग 4.5 स्टार तक पहुंचाई।”

अगर आपके पास एग्जैक्ट नंबर नहीं हैं, तो अंदाजा लगाएं। लेकिन नंबर ज़रूर लिखें। नंबर HR की आँखों को चुम्बक की तरह खींचते हैं।

5. फ्रेशर्स के लिए, अगर अनुभव नहीं है तो क्या लिखें?

अगर आप अभी कॉलेज से निकले हैं, तो ज़ाहिर है आपके पास ‘Experience’ सेक्शन खाली होगा। घबराएं नहीं।

अनुभव की जगह “Projects” सेक्शन डालें। कॉलेज में आपने जो भी प्रोजेक्ट किए हैं, इंटर्नशिप की है, या खुद से कुछ सीखा है, उसे यहाँ लिखें।

  • क्या आपने कॉलेज फेस्ट का मैनेजमेंट किया? (यह Leadership skill है)।
  • क्या आपने कोई वेबसाइट बनाई? (यह Technical skill है)।
  • क्या आपने कोई सर्वे किया? (यह Data Analysis है)।

फ्रेशर्स के मामले में कंपनी आपके ‘जुनून’ और ‘सीखने की चाह’ को देखती है। दिखाएं कि आप खाली नहीं बैठे थे, कुछ न कुछ कर रहे थे।

6. स्किल्स : झूठ मत बोलें

स्किल्स वाले सेक्शन में “Hard Worker”, “Honest”, “Team Player” लिखना बंद करें। यह सब बातें इंटरव्यू में साबित की जाती हैं, कागज पर नहीं।

यहाँ सिर्फ Hard Skills लिखें।

  • टेक्निकल: Java, Python, Excel (VLOOKUP, Pivot Tables), Tally, Photoshop.
  • भाषा: Hindi, English.

नोट: अगर आप लिखते हैं कि आपको Excel आता है, तो इंटरव्यू में तैयार रहें। अगर उन्होंने VLOOKUP पूछ लिया और आप नहीं बता पाए, तो नौकरी तो गई ही, इज़्ज़त भी जाएगी। वही लिखें जो सच में आता है।

7. स्पेलिंग और ग्रामर

आप हैरान होंगे कि कितने लोग अपने रेज्यूमे में स्पेलिंग मिस्टेक करते हैं। मैंने एक रेज्यूमे देखा था जिसमें लड़के ने “Manager” को “Manger” (नाद/चरनी) लिखा था। एक ने अपनी हॉबी में “Cooking” की जगह कुछ ऐसा लिखा था जो मैं यहाँ बता नहीं सकता (सिर्फ एक ‘o’ मिसिंग था)।

ऐसी गलतियां माफ़ नहीं की जातीं। यह दिखाता है कि आप लापरवाह (careless) हैं। अपना रेज्यूमे बनाने के बाद उसे दो बार पढ़ें, और हो सके तो अपने किसी दोस्त या बड़े भाई-बहन से चेक करवाएं। कंप्यूटर के Spell Check पर पूरा भरोसा न करें।

8. फाइल का नाम

जब आप रेज्यूमे ईमेल करते हैं, तो फाइल का नाम क्या होता है?

  • Resume.pdf
  • New_Resume_123.pdf
  • Final_Final_Resume.pdf

सोचिए HR के कंप्यूटर में ऐसे 500 फाइल पड़े हैं। उसे आपका रेज्यूमे कभी नहीं मिलेगा। फाइल का नाम हमेशा ऐसा रखें: FirstName_LastName_Resume.pdf (जैसे: Rahul_Sharma_Resume.pdf) यह प्रोफेशनल लगता है और ढूंढने में आसान होता है।

रेज्यूमे आपकी पूरी ज़िन्दगी की कहानी नहीं है। यह सिर्फ एक विज्ञापन (Advertisement) है। विज्ञापन का काम क्या है? ग्राहक (Company) को इतना ललचाना कि वो प्रोडक्ट (You) को देखने के लिए बुलाए।

उसे छोटा रखें (फ्रेशर हैं तो 1 पेज, अनुभवी हैं तो 2 पेज)। साफ़-सुथरा रखें। और सबसे बड़ी बात—उसे उस नौकरी के हिसाब से थोड़ा बदलें जिसके लिए आप अप्लाई कर रहे हैं। आज ही अपना पुराना ‘Bio-Data’ डिलीट करें और एक नया, प्रोफेशनल रेज्यूमे बनाएं। आपकी ड्रीम जॉब आपका इंतज़ार कर रही है।

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