Railway Jobs 2026: सभी Post की पूरी जानकारी

भारत में अगर कोई ऐसी नौकरी है जिसके लिए कुंभ के मेले जितनी भीड़ उमड़ती है, तो वो है इंडियन रेलवे

यहाँ नौकरी सिर्फ ‘नौकरी’ नहीं होती। यह एक मिडिल क्लास परिवार का ‘सुरक्षा कवच’ है। अगर आपके पास रेलवे का आई-कार्ड है, तो समाज में आपकी इज्जत रातों-रात बढ़ जाती है। और सच कहें तो, शादी के बाज़ार में रेलवे वाले लड़के की डिमांड किसी सॉफ्टवेयर इंजीनियर से कम नहीं होती (चाहे वो ग्रुप डी में ही क्यों न हो)।

लेकिन 2026 में रेलवे में घुसना बच्चों का खेल नहीं रह गया है। वो ज़माना गया जब फॉर्म भरा और तुक्के में नंबर आ गया। अब एक सीट पर मारामारी है।

रेलवे ने वादा किया था कि अब भर्तियां हर साल आएंगी (Annual Calendar), लेकिन हम सब जानते हैं कि सरकारी वादे और ट्रेन, दोनों अक्सर लेट ही होते हैं। फिर भी, अगर आप 2026 में रेलवे में अपनी सीट पक्की करना चाहते हैं, तो आपको पता होना चाहिए कि आप किस पोस्ट के लिए बने हैं।

यहाँ रेलवे की सभी प्रमुख नौकरियों का ‘कच्चा चिट्ठा’ है—बिना किसी लाग-लपेट के।

Railway Jobs 2026: पटरी पर ज़िन्दगी लाने का मौका (सभी Post की पूरी जानकारी)

1. NTPC (Non-Technical Popular Categories): दफ्तर वाली रॉयल जॉब

यह रेलवे की सबसे ‘डिमांडिंग’ भर्ती है। क्यों? क्योंकि इसमें आपको हथौड़ा नहीं चलाना, एसी रूम में बैठकर फाइलें निपटानी हैं।

NTPC में दो लेवल होते हैं: 12वीं पास और ग्रेजुएट।

  • स्टेशन मास्टर (Station Master): यह रेलवे की सबसे पावरफुल जॉब्स में से एक है। पूरे स्टेशन का इंचार्ज। सैलरी शानदार है, लेकिन ज़िम्मेदारी बहुत भारी। एक गलती, और दो ट्रेनें भिड़ सकती हैं। (नोट: इसके लिए साइको टेस्ट भी होता है)।
  • गुड्स गार्ड (अब Train Manager): ट्रेन के पीछे वाले डिब्बे में जो बैठते हैं। यह नाम बदल गया है, अब ये ‘ट्रेन मैनेजर’ हैं। इसमें दौड़-भाग होती है, लेकिन ‘माइलेज अलाउंस’ (दूरी के हिसाब से पैसा) मिलाकर सैलरी 60-70 हज़ार पार कर जाती है।
  • क्लर्क और टाइपिस्ट: अगर आपको शांति चाहिए, तो यह चुनें। टिकट काटना, रिजर्वेशन करना, या ऑफिस में टाइपिंग करना। सुकून की नौकरी है।

किसके लिए है? जिनकी मैथ-रीजनिंग अच्छी है और जो फील्ड वर्क से बचना चाहते हैं।

और : 12th Pass के लिए सरकारी नौकरी

2. ALP (Assistant Loco Pilot): ट्रेन ड्राइवर बनने का सपना

यह नौकरी कमजोर दिल वालों के लिए नहीं है। अगर आपने ITI, Diploma या B.Tech किया है, तो यह आपके लिए बेस्ट चांस है।

लोको पायलट (ट्रेन ड्राइवर) की सैलरी रेलवे में सबसे ज्यादा मानी जाती है। क्यों? क्योंकि इनकी बेसिक सैलरी के अलावा ढेर सारे भत्ते (Allowances) जुड़ते हैं।

  • Overtime Allowance: जितना ज्यादा ट्रेन चलाओगे, उतना पैसा।
  • Night Duty Allowance: रात में जागने का अलग पैसा।

पेंच क्या है? मेडिकल टेस्ट। ALP के लिए आपकी आँखें 6/6 (A1 Standard) होनी चाहिए। अगर चश्मा लगा है, तो फॉर्म भरने के पैसे बर्बाद मत करना। वो लेज़र सर्जरी भी पकड़ लेते हैं। यह बहुत सख्त नियम है।

3. Group D (अब Level-1): मेहनत, लेकिन पक्की नौकरी

लोग इसे मज़ाक में “गैंगमैन” या “खलासी” कहते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि सरकारी नौकरी तो सरकारी नौकरी होती है। यह रेलवे की सबसे बड़ी भर्ती होती है (लाखों में वैकेंसी आती है)।

  • काम: ट्रैक की मरम्मत (Track Maintainer), वर्कशॉप में हेल्पर, या सिग्नल विभाग में सहायता।
  • सच्चाई: काम मेहनती है। धूप, बारिश और ठंड में ट्रैक पर खड़ा रहना पड़ता है। लेकिन 3-4 साल बाद आप डिपार्टमेंटल एग्जाम (GDCE) देकर ऊपर जा सकते हैं।
  • एग्जाम: इसका पेपर बाकी एग्जाम्स के मुकाबले थोड़ा आसान होता है। इसमें ‘साइंस’ (विज्ञान) का रोल बहुत बड़ा है। अगर आपकी 10वीं की साइंस अच्छी है, तो आप यह निकाल लेंगे।

4. RPF (Railway Protection Force): रेलवे की पुलिस

अगर आपको वर्दी पहनने का शौक है लेकिन राज्य पुलिस में नंबर नहीं आ रहा, तो RPF एक बेहतरीन विकल्प है। इसमें Constable और SI (Sub-Inspector) की भर्तियां आती हैं।

  • फर्क क्या है? राज्य पुलिस के मुकाबले यहाँ काम थोड़ा ‘सभ्य’ होता है। आपको चोर-चक्कों से नहीं, बल्कि रेलवे की संपत्ति और यात्रियों की सुरक्षा से मतलब है।
  • फिजिकल टेस्ट: यहाँ पढ़ाई से ज्यादा शरीर काम आता है। दौड़ और हाई जंप काफी टफ होती है। बहुत से पढ़ने वाले बच्चे एग्जाम निकाल लेते हैं लेकिन दौड़ में फेल हो जाते हैं। अगर RPF चाहिए, तो आज ही ग्राउंड जाना शुरू कर दो।

5. JE (Junior Engineer): इंजीनियरों का अड्डा

अगर आपने इंजीनियरिंग (Diploma/Degree) की है और प्राइवेट नौकरी के धक्के नहीं खाना चाहते, तो रेलवे JE बनिए। यह सुपरवाइजर लेवल की जॉब है। आपके नीचे टेक्निशियन और ग्रुप डी वाले काम करेंगे।

तैयारी का देसी जुगाड़

कोचिंग वाले आपको डराएंगे कि “नया बैच ले लो, पैटर्न बदल गया है।” सच बात यह है कि रेलवे का पैटर्न पिछले 10 साल से लगभग वही है। आपको बस तीन चीजों पर पकड़ बनानी है:

  1. Science (विज्ञान) को घोट कर पी जाओ: रेलवे को साइंस से प्यार है। खासकर ग्रुप डी और एएलपी में। स्पीडी (Speedy) की साइंस की किताब या NCERT (9वीं-10वीं) को रट लो। बायोलॉजी और फिजिक्स से सीधे सवाल आते हैं।
  2. Reasoning (तर्कशक्ति): यह स्कोरिंग सब्जेक्ट है। यहाँ 30 में से 30 नंबर लाए जा सकते हैं। रेलवे की रीजनिंग एसएससी से थोड़ी आसान होती है, बस स्पीड चाहिए।
  3. Current Affairs: पिछले 1 साल का नहीं, पिछले 2 साल का पूछ लेता है कभी-कभी। लेकिन ज़्यादातर सवाल ‘खेल’, ‘नियुक्तियां’ और ‘रेलवे से जुड़ी खबरों’ पर होते हैं।

मैथ्स का डर: रेलवे की मैथ बहुत टफ नहीं होती। अगर आपको बेसिक फॉर्मूले आते हैं, तो काम बन जाएगा। एडवांस मैथ (Trigonometry वगैरह) कम आती है।

2026 में क्या बदलेगा?

रेलवे अब CBT (Computer Based Test) पर पूरी तरह शिफ्ट हो चुका है। सबसे बड़ी चुनौती है—Normalisation। होता यह है कि आप 80 नंबर करके आते हैं, लेकिन नॉर्मलाइजेशन में आपके नंबर घटकर 70 हो जाते हैं (या बढ़कर 90)। यह किस्मत का खेल है। इसलिए कोशिश करें कि ‘Accuracy’ (सटीकता) पर ध्यान दें। गलत तुक्के न मारें, क्योंकि निगेटिव मार्किंग आपको रेस से बाहर कर देगी।

रेलवे भर्ती की सबसे बुरी बात यह है कि इसका कोई ‘फिक्स टाइम’ नहीं है। नोटिफिकेशन आने के बाद एग्जाम होने में 1 साल भी लग सकता है और 2 महीने भी।

जो छात्र नोटिफिकेशन का इंतज़ार करते हैं, वो अक्सर पीछे रह जाते हैं। जो छात्र यह मानकर रोज 4-5 घंटे पढ़ रहे हैं कि “जब भी एग्जाम होगा, मैं फोड़ दूंगा,” वही बाजी मारते हैं।

तो दोस्त, अगर पटरी पर अपनी लाइफ लानी है, तो स्टेशन (नोटिफिकेशन) का इंतज़ार मत करो, ट्रेन (तैयारी) पकड़ लो और सफर शुरू करो। मंज़िल मिल ही जाएगी।

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