हम सब की ज़िंदगी में एक न एक “LIC वाले अंकल” ज़रूर होते हैं। वो अंकल जो शादी में, बर्थडे पार्टी में, या बस-ट्रेन में अचानक प्रकट हो जाते हैं और चाय पीते-पीते कहते हैं—“बेटा, टैक्स बचाने के लिए कोई पॉलिसी ली या नहीं?” हम अक्सर उनसे नज़रें चुराते हैं। हम सोचते हैं, “यार, ये फिर शुरू हो गए पॉलिसी चिपकाने।” लेकिन क्या आपने कभी उन अंकल की गाड़ी देखी है? या उनका बैंक बैलेंस देखा है? अगर देखेंगे, तो शायद आपके होश उड़ जाएं।
सच यह है कि जिस काम को हम अक्सर “मजाक” या “रिटायरमेंट के बाद का काम” समझते हैं, वह असल में भारत के सबसे अमीर प्रोफेशन्स में से एक हो सकता है। भारत में ऐसे हज़ारों इंश्योरेंस एजेंट हैं जो किसी भी डॉक्टर, इंजीनियर या कॉर्पोरेट मैनेजर से ज़्यादा कमाते हैं।
अगर आप एक ऐसी नौकरी ढूंढ रहे हैं जहाँ कोई बॉस न हो, कोई फिक्स टाइम न हो, और कमाई की कोई लिमिट (Upper Limit) न हो—तो Insurance Agent बनना आपके लिए ‘गोल्डन टिकट’ हो सकता है।
आज हम LIC (Life Insurance Corporation) या किसी भी इंश्योरेंस कंपनी का एजेंट बनने का पूरा कच्चा-चिट्ठा खोलेंगे। प्रोसेस क्या है? पैसा कितना मिलता है? और सबसे ज़रूरी—क्या यह काम आपके बस का है?

1. क्यों बनें इंश्योरेंस एजेंट?
इससे पहले कि हम “कैसे” (How) पर बात करें, पहले “क्यों” (Why) को समझते हैं।
- आप अपने बॉस खुद हैं: कल सुबह 10 बजे उठना है या 7 बजे? आज काम करना है या छुट्टी लेनी है? यह कोई एचआर (HR) तय नहीं करेगा, आप तय करेंगे।
- अनलिमिटेड कमाई: नौकरी में सैलरी फिक्स होती है। अगर आप कंपनी को 1 करोड़ का मुनाफा भी दे दें, तो भी सैलरी उतनी ही मिलेगी। लेकिन यहाँ? जितना काम, उतना पैसा। अगर आप मेहनत कर सकते हैं, तो महीने का 1 लाख क्या, 5 लाख भी कमा सकते हैं।
- रॉयल्टी इनकम (पेंशन जैसी कमाई): यह इस करियर का सबसे बड़ा जादू है। मान लीजिये आपने आज किसी को पॉलिसी बेची। आपको आज कमीशन मिला। लेकिन वो इंसान अगले 20 साल तक प्रीमियम भरेगा। और आपको अगले 20 साल तक उस प्रीमियम पर कमीशन मिलता रहेगा। इसे कहते हैं—काम एक बार, पैसा बार-बार।
और: Work Pressure कैसे Handle करें बिना पागल हुए
2. एलिजिबिलिटी, कौन बन सकता है?
अच्छी खबर यह है कि यहाँ आपको कोई बड़ी डिग्री, आईआईटी का ठप्पा या एमबीए नहीं चाहिए। LIC ने दरवाज़े सबके लिए खोल रखे हैं।
- उम्र: आपकी उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए। (अधिकतम की कोई सीमा नहीं है, 60 साल के रिटायर्ड फौजी भी एजेंट बनते हैं)।
- पढ़ाई: आपको कम से कम 10वीं पास (10th Pass) होना चाहिए। (कुछ जगहों पर 12वीं मांग सकते हैं, लेकिन 10वीं बेसिक है)।
- नागरिकता: भारतीय होना ज़रूरी है।
बस। अगर आपके पास ये तीन चीज़ें हैं, तो आप मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं।
3. LIC Agent बनने का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस
अब आते हैं असली मुद्दे पर। ज्वाइन कैसे करें? यह कोई रॉकेट साइंस नहीं है।
स्टेप 1: नज़दीकी ब्रांच में जाएं गूगल मैप्स पर देखिये कि आपके घर के पास LIC की कौन सी ब्रांच है। वहां जाइए और विकास अधिकारी (Development Officer – DO) से मिलिए। DO वो इंसान होता है जो एजेंट्स की टीम बनाता है। उनसे कहिये, “सर, मुझे एजेंट बनना है।” (वो आपको देखकर बहुत खुश होंगे क्योंकि उन्हें हमेशा नए लोगों की तलाश रहती है)।
स्टेप 2: डॉक्यूमेंट जमा करें वो आपसे कुछ बेसिक कागज़ मांगेंगे:
- 2 पासपोर्ट साइज़ फोटो।
- 10वीं/12वीं की मार्कशीट की कॉपी।
- PAN कार्ड और आधार कार्ड।
- कैंसल चेक (ताकि कमीशन आपके बैंक में आए)।
स्टेप 3: रजिस्ट्रेशन और ट्रेनिंग आपको लगभग 150-200 रुपये की रजिस्ट्रेशन फीस देनी होगी। इसके बाद आपको 25 घंटे की ट्रेनिंग लेनी होगी। घबराइये मत, यह कोई आर्मी की ट्रेनिंग नहीं है। इसमें आपको बस इंश्योरेंस के बेसिक नियम, पॉलिसी के प्रकार और लोगों से बात कैसे करनी है, यह सिखाया जाता है। यह ट्रेनिंग आप ऑनलाइन भी कर सकते हैं या LIC के ट्रेनिंग सेंटर पर जाकर भी।
स्टेप 4: IRDAI का एग्जाम (IC-38) यह सबसे ज़रूरी पड़ाव है। भारत में इंश्योरेंस बेचने के लिए आपको सरकार से लाइसेंस चाहिए। यह लाइसेंस IRDAI (Insurance Regulatory and Development Authority of India) देता है। आपको एक ऑनलाइन एग्जाम देना होगा।
- सवाल: 50 (मल्टीपल चॉइस)।
- मार्क्स: पास होने के लिए 50 में से 17 या 18 नंबर चाहिए होते हैं।
- कठिनाई: बहुत आसान होता है। थोड़ी सी पढ़ाई करके भी आप इसे पास कर सकते हैं।
स्टेप 5: लाइसेंस और कोड जैसे ही आप एग्जाम पास करते हैं, आपको LIC की तरफ से “एजेंट कोड” और एक आई-कार्ड मिल जाता है। बधाई हो! अब आप आधिकारिक रूप से ‘LIC एजेंट’ बन चुके हैं। अब आप पॉलिसी बेच सकते हैं।
4. कमाई का गणित
अब बात करते हैं “रोकड़ा” की। पैसा कैसे आता है?
LIC में कमीशन स्ट्रक्चर बहुत शानदार है। मान लीजिये आप एक ट्रेडिशनल पॉलिसी (Endowment Plan) बेचते हैं।
- पहला साल (First Year): प्रीमियम का 25% (और अगर बोनस जुड़ जाए तो कभी-कभी 35% तक)।
- उदाहरण: अगर आपने किसी को साल का ₹1,00,000 प्रीमियम वाली पॉलिसी बेची, तो सीधे ₹25,000 आपके।
- दूसरा और तीसरा साल: प्रीमियम का 7.5%।
- चौथा साल और उसके बाद: प्रीमियम का 5% (जब तक पॉलिसी चलेगी)।
सोचिये, अगर आपने 5 साल मेहनत करके 500 क्लाइंट बना लिए, तो उन 500 लोगों से हर साल आपको 5% आता रहेगा, चाहे आप घर पर सो रहे हों या मनाली में घूम रहे हों। इसी को असली “पैसिव इनकम” कहते हैं।
इसके अलावा, अगर आप बहुत अच्छा काम करते हैं, तो LIC आपको क्लब मेंबरशिप देती है (MDRT, COT, TOT)। इसमें आपको कार के लिए लोन, होम लोन में छूट, ऑफिस अलाउंस और विदेश यात्राएं फ्री मिलती हैं।
5. लेकिन… यह काम सबके लिए नहीं है
सुनने में सब बहुत अच्छा लग रहा है, है न? लेकिन रुकिए। हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। यह जॉब आसान नहीं है।
- रिजेक्शन (ना सुनने की आदत): आप 10 लोगों के पास जाएंगे, उनमें से 8 लोग आपको साफ़ मना कर देंगे। कुछ लोग फ़ोन नहीं उठाएंगे। कुछ लोग कहेंगे “बाद में आना” और फिर दरवाजा नहीं खोलेंगे। अगर आपकी ईगो (Ego) बड़ी है, तो आप एक महीने में यह काम छोड़ देंगे। यहाँ “बेशर्म” (सकारात्मक तरीके से) होना पड़ता है। ना को ‘हां’ में बदलने का हुनर चाहिए।
- शुरुआती संघर्ष: पहले 6 महीने शायद आपकी कमाई बहुत कम हो। जब तक आपके पास क्लाइंट बेस नहीं बन जाता, तब तक संघर्ष है। बहुत से लोग इसी फेज में हार मान लेते हैं।
- टारगेट का प्रेशर: वैसे तो आप अपने बॉस खुद हैं, लेकिन अपना एजेंसी कोड एक्टिव रखने के लिए आपको साल में कम से कम 12 पॉलिसी (नियम बदल सकते हैं) बेचनी होती हैं। अगर आप बिल्कुल काम नहीं करेंगे, तो लाइसेंस रद्द हो सकता है।
अन्य: Networking for Introverts: Practical Tips
6. सफल एजेंट कैसे बनें?
अगर आप इस मैदान में उतर रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:
- खुद के घर से शुरुआत करें: सबसे पहले अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों को अप्रोच करें। यह आपका ‘वार्म मार्केट’ है।
- सुनना सीखें: पॉलिसी बेचने की कोशिश मत करें, सामने वाले की ज़रूरत समझें। क्या उसे टैक्स बचाना है? बेटी की शादी के लिए पैसा चाहिए? या रिटायरमेंट के लिए? जब आप समाधान (Solution) बेचेंगे, तो पॉलिसी अपने आप बिकेगी।
- सर्विस दें: पॉलिसी बेचने के बाद गायब न हो जाएं। उनका प्रीमियम भरने की याद दिलाएं, उनके बर्थडे पर विश करें। एक खुश क्लाइंट आपको 10 नए क्लाइंट लाकर देगा।
- डिजिटल बनें: आजकल लोग ऑनलाइन चेक करते हैं। अपना व्हाट्सएप स्टेटस अपडेट रखें, सोशल मीडिया पर फाइनेंशियल टिप्स शेयर करें। मॉडर्न एजेंट बनें, पुराने जमाने वाले नहीं।
LIC एजेंट बनना सिर्फ एक ‘जॉब’ नहीं, यह एक ‘बिज़नेस’ है। इसमें ज़ीरो इन्वेस्टमेंट है, लेकिन मेहनत 100% है। यह एक ऐसा करियर है जो आपको फर्श से अर्श तक ले जा सकता है, बशर्ते आपके अंदर लोगों से बात करने की कला हो और हार न मानने का जज़्बा हो।
अगर आप में वो “सेल्स का कीड़ा” है, तो इंतज़ार मत कीजिये। अपनी नज़दीकी शाखा में जाइये। क्या पता, अगली बड़ी सफलता की कहानी आपकी ही हो?