Interview की तैयारी कैसे करें, घबराहट को ‘कॉन्फिडेंस’ में बदलने का फॉर्मूला

इंटरव्यू का नाम सुनते ही अच्छे-अच्छों के पसीने छूट जाते हैं। चाहे आपने कॉलेज में टॉप किया हो, चाहे आपके पास कितनी भी डिग्रियां हों, जिस पल आप इंटरव्यू रूम के बाहर अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे होते हैं, उस पल दिल की धड़कन किसी एक्सप्रेस ट्रेन से कम नहीं होती।

दिमाग में बस यही चलता रहता है: “अगर मैं इंग्लिश में अटक गया तो?” “अगर मुझे जवाब नहीं आया तो?” “अगर उन्होंने मुझे रिजेक्ट कर दिया तो?”

यह डर स्वाभाविक है। लेकिन दिक्कत यह है कि हम इंटरव्यू को एक ‘इम्तिहान’ या ‘पुलिस पूछताछ’ की तरह देखते हैं।

हकीकत यह है: इंटरव्यू एक ‘बातचीत’ (Conversation) है। सामने वाला (HR या बॉस) कोई राक्षस नहीं है। उसे बस एक ऐसा इंसान चाहिए जो उसका काम आसान कर सके। अगर आप उसे यह भरोसा दिला दें कि आप उसकी प्रॉब्लम सॉल्व कर सकते हैं, तो नौकरी आपकी है।

लेकिन यह भरोसा कैसे दिलाएं? ‘रट्टा’ मारकर नहीं, सही रणनीति से। यहाँ इंटरव्यू क्रैक करने का एक प्रैक्टिकल गाइड है, जो किताबी बातों से हटकर असली दुनिया में काम करता है।

1. कंपनी की ‘जासूसी’ करें

ज्यादातर कैंडिडेट सबसे बड़ी गलती यही करते हैं—वो मुंह उठाकर इंटरव्यू देने चले जाते हैं। उन्हें बस कंपनी का नाम पता होता है।

अगर HR ने आपसे पूछ लिया: “आपको हमारी कंपनी के बारे में क्या पता है?” और आपने कहा: “जी, मैंने वेबसाइट देखी थी, आप लोग अच्छी सर्विस देते हैं।” तो समझो आप रिजेक्ट हो गए। यह रटा-रटाया जवाब है।

इंटरव्यू से पहले कम से कम 1 घंटा कंपनी की ‘जासूसी’ करें:

  • वे क्या बेचते हैं? (Product/Service)
  • उनके ग्राहक कौन हैं?
  • हाल ही में उनके साथ क्या नया हुआ है? (Google News पर कंपनी का नाम सर्च करें)।
  • उनके Competitors कौन हैं?

जब आप इंटरव्यू में कहते हैं, “सर, मैंने पढ़ा कि पिछले महीने आपने नया प्रोजेक्ट लॉन्च किया है,” तो इंटरव्यूअर की आँखों में चमक आ जाती है। उसे लगता है कि यह बंदा सीरियस है और होमवर्क करके आया है।

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2. “Tell Me About Yourself” पहला सवाल, पहला मौका

यह सवाल 100% आएगा। और 90% लोग इसका गलत जवाब देते हैं। वो अपनी पूरी जीवन कथा सुनाने लगते हैं: “मेरा नाम राहुल है, मैं दिल्ली में रहता हूँ, मेरे पिताजी किसान हैं, मुझे क्रिकेट पसंद है…”

रुकिए। इंटरव्यूअर को इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है। उसे आपकी शादी के लिए रिश्ता नहीं जोड़ना है।

इस जवाब के लिए ‘Present, Past, Future’ फार्मूला अपनाएं:

  1. Present: अभी आप क्या हैं? (जैसे: “मैं एक ग्राफिक डिज़ाइनर हूँ जिसे 2 साल का अनुभव है…”)
  2. Past: आपने क्या उखाड़ा है? (जैसे: “पिछले जॉब में मैंने 50+ प्रोजेक्ट्स पर काम किया और…”)
  3. Future: आप यहाँ क्यों हैं? (जैसे: “अब मैं एक बड़ी टीम के साथ काम करके अपनी स्किल्स को और बेहतर करना चाहता हूँ।”)

इसे 90 सेकंड में खत्म करें। यह आपकी ‘सेल्स पिच’ है।

3. इंग्लिश का डर

भारत में आधे लोग इंटरव्यू में इसलिए फेल नहीं होते कि उन्हें काम नहीं आता, बल्कि इसलिए फेल होते हैं क्योंकि उन्हें लगता है उनकी इंग्लिश खराब है।

सुनिए, अगर आप ‘कंटेंट राइटर’ या ‘इंग्लिश टीचर’ की नौकरी के लिए नहीं जा रहे हैं, तो शेक्सपियर वाली इंग्लिश की ज़रूरत नहीं है।

  • कॉन्फिडेंस > ग्रामर: अगर आप अटक रहे हैं, तो घबराएं नहीं। शांत रहें।
  • हिंग्लिश का इस्तेमाल: अगर किसी शब्द की इंग्लिश याद नहीं आ रही, तो चुप रहने से बेहतर है कि आप हिंदी शब्द बोल दें। “Sir, main exactly explain nahi kar pa raha, but mera matlab hai ki…” यह चलता है।
  • बातचीत करें: रोबोट की तरह रटे हुए इंग्लिश जवाब न दें। सामने वाले की आँखों में देखकर बात करें।

इंटरव्यूअर यह देखता है कि आप अपनी बात समझा पा रहे हैं या नहीं। अगर आप अपनी बात समझा सकते हैं, तो भाषा (Language) दूसरी प्राथमिकता बन जाती है।

4. बॉडी लैंग्वेज: बिना बोले बहुत कुछ कहना

आप रूम में कैसे घुसते हैं, कैसे बैठते हैं—यह आपके बोलने से पहले ही आपके बारे में बहुत कुछ बता देता है।

  • Eye Contact (आंखों में देखना): अगर आप बात करते वक्त नीचे फर्श को या ऊपर पंखे को देख रहे हैं, तो आप डरे हुए या झूठे लगते हैं। इंटरव्यूअर की आंखों में देखें (घूरना नहीं है, बस नॉर्मल देखना है)।
  • हाथों का इस्तेमाल: अपने हाथों को टेबल के नीचे छुपाकर मत रखें। बात करते वक्त हाथों का इस्तेमाल करें, इससे आप कॉन्फिडेंट लगते हैं।
  • मुस्कुराहट: सीरियस रहने का मतलब प्रोफेशनल होना नहीं होता। चेहरे पर हल्की स्माइल रखें। इससे माहौल हल्का होता है और आप एक ‘पॉजिटिव’ इंसान लगते हैं।

5. अपनी कमजोरियां कैसे बताएं?

“आपकी सबसे बड़ी कमजोरी क्या है?” यह एक जाल है। अगर आपने कहा: “मेरी कोई कमजोरी नहीं है,” तो आप घमंडी हैं। अगर आपने कहा: “मैं बहुत ज्यादा मेहनत करता हूँ,” तो आप झूठ बोल रहे हैं। अगर आपने कहा: “मुझे गुस्सा बहुत आता है,” तो आपको नौकरी नहीं मिलेगी।

जवाब ऐसा दें जो असली हो, लेकिन सुधारा जा सकता हो।

  • उदाहरण: “सर, कभी-कभी मुझे पब्लिक स्पीकिंग में घबराहट होती थी। इसलिए अब मैं शीशे के सामने प्रैक्टिस कर रहा हूँ और टीम मीटिंग्स में ज्यादा बोलने की कोशिश करता हूँ।”

यहाँ आपने एक कमी बताई, लेकिन साथ ही यह भी बता दिया कि आप उसे सुधारने के लिए मेहनत कर रहे हैं। यह मैच्योरिटी दिखाता है।

6. सवाल पूछना न भूलें

अंत में इंटरव्यूअर पूछेगा: “Do you have any questions for us?” (क्या आप हमसे कुछ पूछना चाहते हैं?)

कभी भी “No” मत बोलना। “No” बोलने का मतलब है कि आपको नौकरी में कोई खास दिलचस्पी नहीं है, बस सैलरी चाहिए।

कम से कम 2 स्मार्ट सवाल पूछें:

  1. “इस रोल में एक सफल कर्मचारी कैसा दिखता है?”
  2. “आपकी टीम अभी सबसे बड़ी किस चुनौती (Challenge) का सामना कर रही है?”

ऐसे सवाल दिखाते हैं कि आप सिर्फ नौकरी नहीं मांग रहे, बल्कि आप कंपनी की ग्रोथ के बारे में सोच रहे हैं।

7. मॉक इंटरव्यू

आप तैराकी के बारे में किताब पढ़कर तैरना नहीं सीख सकते। उसी तरह, सिर्फ वीडियो देखकर इंटरव्यू नहीं निकलता।

अपने दोस्त या भाई-बहन को पकड़ें। उन्हें इंटरव्यूअर बनाएं। अपना फोन रिकॉर्डिंग पर लगाएं और जवाब दें। जब आप अपनी रिकॉर्डिंग सुनेंगे, तो आपको हंसी भी आएगी और शर्म भी। “अरे, मैं कितनी बार ‘मतलब-मतलब’ बोलता हूँ!” “मेरी आवाज़ कितनी कांप रही है।”

यह ‘Cringe’ अभी महसूस कर लो, ताकि असली इंटरव्यू में न करना पड़े।

याद रखें, इंटरव्यू लेने वाला इंसान भी कभी उस कुर्सी पर बैठा था जिस पर आज आप बैठे हैं। वो आपको फेल नहीं करना चाहता। उसे वो पोजीशन भरनी है, उसे एक बंदा चाहिए। वो चाहता है कि आप अच्छे साबित हों ताकि उसकी तलाश खत्म हो।

तो अगली बार जब इंटरव्यू रूम में जाएं, तो एक ‘जरूरतमंद’ (Beggar) की तरह नहीं, बल्कि एक ‘प्रोफेशनल’ की तरह जाएं जो एक डील करने आया है।

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