Graduation के बाद सरकारी नौकरी, डिग्री मिल गई, अब कुर्सी कैसे मिलेगी?

कॉलेज का वो आखिरी दिन याद है? फेयरवेल पार्टी, दोस्तों के साथ फोटो सेशन, और वो कसम कि “हम हमेशा टच में रहेंगे।” सब कुछ बहुत फिल्मी और अच्छा लगता है। लेकिन जैसे ही कॉलेज के गेट से बाहर निकलते हैं और असली दुनिया में कदम रखते हैं, एक सवाल मुंह बाए खड़ा होता है—“अब आगे क्या?”

रिश्तेदार ताना मारने के लिए तैयार बैठे हैं, पड़ोस वाली आंटी पूछने आती हैं “बेटा, प्लेसमेंट हुआ क्या?” और घर वाले इशारों में समझा देते हैं कि अब पॉकेट मनी मांगने की उम्र निकल गई है।

अगर आप एक मिडिल क्लास भारतीय परिवार से हैं, तो ग्रेजुएशन के बाद ‘सरकारी नौकरी’ (Government Job) सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि एक जुनून होता है। वो सुरक्षा, वो ‘सरकारी दामाद’ वाला टैग, और वो सुकून कि मंदी (Recession) आए या कोरोना, हमारी सैलरी 1 तारीख को आ ही जाएगी।

लेकिन समस्या यह है कि ग्रेजुएशन के बाद रास्ते इतने सारे हैं कि इंसान कंफ्यूज हो जाता है। बैंक की तैयारी करूँ? या एसएससी (SSC) में लग जाऊं? या फिर यूपीएससी (UPSC) का जुआ खेलूँ?

दोस्तों, अगर आपके हाथ में डिग्री है (चाहे B.A. हो, B.Sc, B.Com या B.Tech), तो बधाई हो! आप सरकारी नौकरी के सबसे बड़े खजाने के लिए एलिजिबल हैं। 12वीं पास नौकरियों के मुकाबले यहाँ रुतबा बड़ा है और सैलरी भी।

चलिए, आज हम उन सभी रास्तों का ‘पोस्टमार्टम’ करते हैं जो ग्रेजुएशन के बाद आपके लिए खुलते हैं।

Graduation के बाद सरकारी नौकरी, डिग्री मिल गई, अब कुर्सी कैसे मिलेगी?

1. UPSC

शुरुआत सबसे बड़े सपने से करते हैं। अगर आपको सिर्फ नौकरी नहीं चाहिए, बल्कि पावर चाहिए। अगर आप चाहते हैं कि आपके एक साइन (Signature) से जिले की किस्मत बदल जाए, तो रास्ता इधर है।

  • क्या बनोगे: IAS (कलेक्टर), IPS (पुलिस कप्तान), IFS (विदेश सेवा)।
  • सच्चाई: यह सिर्फ एक परीक्षा नहीं, तपस्या है। लोग 21 साल की उम्र में तैयारी शुरू करते हैं और 26-27 तक लगे रहते हैं। सफलता दर (Success Rate) 0.1% से भी कम है।
  • किसे करनी चाहिए: जिसके पास धैर्य (Patience) हो, जिसके पास ‘प्लान बी’ हो, और जो 2-3 साल तक दुनियादारी छोड़कर कमरे में बंद हो सकता है। यह रट्टा मारने वालों का खेल नहीं, ‘व्यक्तित्व’ (Personality) का खेल है।

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2. SSC CGL

अगर यूपीएससी आपको बहुत रिस्की लगता है, तो SSC CGL दूसरा सबसे बेहतरीन विकल्प है। इसे केंद्र सरकार की रीढ़ की हड्डी माना जाता है।

  • पोस्ट: Income Tax Inspector (रेड मारने वाला), Excise Inspector (वर्दी वाला), MEA (विदेश मंत्रालय में नौकरी), CBI Sub-Inspector।
  • खासियत: इसमें पावर है, पैसा है और सोशल स्टेटस भी है। “लड़का इनकम टैक्स में है”—यह लाइन शादी के बाज़ार में बहुत भारी पड़ती है।
  • पैटर्न: इसमें मैथ और इंग्लिश का बोलबाला है। अगर आपकी 10वीं तक की मैथ अच्छी है, तो आप यहाँ बाजी मार सकते हैं। यह एग्जाम अब पहले से तेज़ हो गया है, 8-10 महीने की तैयारी में इसे निकाला जा सकता है।

3. Banking

अगर आपके घर के हालात ऐसे हैं कि आपको जल्द से जल्द नौकरी चाहिए (6-8 महीने के अंदर), तो बैंक की तरफ मुड़ जाओ।

  • क्यों चुनें: SSC या रेलवे में जॉइनिंग आने में कभी-कभी 2-3 साल लग जाते हैं। बैंक का सिस्टम सुपरफास्ट है। आज एग्जाम दिया, 6 महीने बाद हाथ में जॉइनिंग लेटर।
  • IBPS PO / SBI PO: ग्रेजुएशन के बाद आप सीधे ‘ऑफिसर’ (PO) बन सकते हैं। स्टार्टिंग सैलरी 60-70 हज़ार।
  • चुनौती: यहाँ सिलेबस आसान है, लेकिन ‘समय’ कम है। आपको 60 मिनट में 100 सवाल करने होते हैं। यह ज्ञान की नहीं, स्पीड की परीक्षा है।

4. Railways

रेलवे भारत का सबसे बड़ा नियोक्ता है। और ग्रेजुएट्स के लिए यहाँ NTPC (Non-Technical Popular Categories) की भर्ती आती है।

  • पोस्ट: स्टेशन मास्टर (Station Master), गुड्स गार्ड (Train Manager), कमर्शियल अपरेंटिस।
  • मज़ा: रेलवे की सुविधाएं (फ्री पास, मेडिकल) लाजवाब हैं। काम का प्रेशर बैंक या पुलिस जितना नहीं होता (कुछ पोस्ट को छोड़कर)।
  • पेंच: रेलवे की भर्ती ‘पंचवर्षीय योजना’ की तरह होती है। फॉर्म कब निकलता है और एग्जाम कब होता है, इसका कोई भरोसा नहीं। लेकिन जब वैकेंसी आती है, तो छप्पर फाड़ के आती है।

5. Defense

बहुत से लोग सोचते हैं कि ग्रेजुएशन के बाद फौज में जाने की उम्र निकल गई। गलत। आप अभी भी अफसर बनकर फौज में जा सकते हैं, सिपाही बनकर नहीं।

  • CDS (Combined Defence Services): यूपीएससी इसे कराता है। इससे आप आर्मी (IMA/OTA), नेवी और एयर फोर्स में सीधे अफसर बनते हैं।
  • AFCAT: अगर आपको एयर फोर्स में पायलट या ग्राउंड ड्यूटी ऑफिसर बनना है, तो यह एग्जाम दें। यह CDS से थोड़ा आसान माना जाता है।
  • फायदा: यहाँ की लाइफस्टाइल (Lifestyle) किसी भी कॉर्पोरेट या सिविलियन जॉब से लाख गुना बेहतर है। जिम, क्लब, स्पोर्ट्स, एडवेंचर—सब मुफ्त।

6. राज्य लोक सेवा आयोग

अपने घर में रहकर ‘राजा’ बनने का शौक है? तो अपने राज्य का PCS (Provincial Civil Service) एग्जाम दें। जैसे: UPPSC, BPSC (बिहार), MPPSC, RAS (राजस्थान)।

  • पोस्ट: SDM, DSP, BDO, तहसीलदार।
  • फायदा: इसमें दूसरे राज्यों के मुकाबले अपने राज्य के छात्रों को थोड़ा फायदा मिलता है (लोकल जीके और रिजर्वेशन की वजह से)।
  • नुकसान: कई राज्यों में एग्जाम प्रक्रिया बहुत धीमी है। एक भर्ती पूरी होने में 3-4 साल लग जाते हैं (हालांकि BPSC और UPPSC अब सुधर रहे हैं)।

7. Teaching (B.Ed):

अगर आपने B.A. या B.Sc किया है और आपको पढ़ाने का शौक है, तो आप B.Ed (Bachelor of Education) कर सकते हैं।

  • ग्रेजुएशन + B.Ed करने के बाद आप TGT (Trained Graduate Teacher) बन सकते हैं।
  • 6वीं से 10वीं तक के सरकारी टीचर।
  • सैलरी 60 हज़ार से शुरू होती है, छुट्टियां भरपूर मिलती हैं और समाज में बहुत इज्जत है। खासकर लड़कियों के लिए इसे सबसे सुरक्षित और बेहतरीन करियर माना जाता है।

तैयारी शुरू कैसे करें?

ग्रेजुएशन के बाद सबसे बड़ी गलती हम यह करते हैं—”थोड़ा आराम कर लेते हैं, फिर सोचेंगे।” यह ‘आराम’ कब 2 साल में बदल जाता है, पता ही नहीं चलता।

  1. अपना ‘जॉनर’ (Genre) चुनें: सब कुछ मत पकड़ो। या तो “SSC/Railway” की तरफ जाओ (क्योंकि इनका सिलेबस सेम है), या फिर “Banking” की तरफ। दोनों नावों में पैर रखोगे तो डूब जाओगे।
  2. बेसिक्स (Basics): 6ठीं से 10वीं की NCERT (GS के लिए) और बेसिक मैथ्स की किताबें उठा लो।
  3. सोशल मीडिया डिटॉक्स: इंस्टाग्राम की रील्स देखकर कोई अफसर नहीं बना। अपने फोन का इस्तेमाल पढ़ाई के लिए करो, टाइम पास के लिए नहीं।

दोस्त, डिग्री तो सबके पास है। भारत में हर साल लाखों ग्रेजुएट निकलते हैं। फर्क डिग्री से नहीं पड़ता, फर्क इससे पड़ता है कि उस डिग्री के बाद आप क्या करते हैं।

यह रास्ता आसान नहीं है। आपको ताने सुनने पड़ेंगे, आपको फेलियर (Failure) देखना पड़ेगा। कई बार मन करेगा कि सब छोड़-छाड़ कर प्राइवेट नौकरी कर लूं। लेकिन याद रखना, सरकारी नौकरी सिर्फ ‘सैलरी’ नहीं देती, यह आपको एक पहचान देती है।

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