First Job: पहले दिन क्या करें?,घबराना नहीं है, बस ये टिप्स फॉलो करें

तो आखिरकार वो दिन आ ही गया। ऑफर लेटर साइन हो चुका है, दोस्तों को पार्टी दे दी है, और कल सुबह आपकी First Job का पहला दिन है। सच्च-सच्च बताइये… पेट में थोड़ी गुड़गुड़ हो रही है न? रात को नींद नहीं आ रही होगी? दिमाग में अजीब-अजीब सवाल चल रहे होंगे— “वहां लोग कैसे होंगे?” “बॉस खड़ूस तो नहीं होगा?” “कहीं मैं पहले दिन ही कोई बेवकूफी न कर दूँ?”

रिलैक्स। गहरी सांस लीजिये। यह नर्वसनेस (Nervousness) एकदम नॉर्मल है। चाहे वो गूगल का सीईओ हो या बैंक का क्लर्क, अपनी पहली नौकरी के पहले दिन हर किसी के हाथ थोड़े कांपते हैं।

कॉलेज की लाइफ और ऑफिस की लाइफ में ज़मीन-आसमान का फर्क होता है। कॉलेज में आप क्लास बंक कर सकते थे, यहाँ नहीं। कॉलेज में टीचर माफ कर देता था, यहाँ क्लाइंट माफ नहीं करता।

लेकिन डरिये मत। पहला दिन काम करने का नहीं, बल्कि “माहौल समझने” का होता है। अगर आप चाहते हैं कि आपका ‘फर्स्ट इंप्रेशन’ दमदार हो और आप किसी बेवकूफी का शिकार न बनें, तो यहाँ एक “सर्वाइवल गाइड” है—बिल्कुल देसी भाषा में।

First Job: पहले दिन क्या करें?

1. समय से पहले पहुंचें

यह सबसे बेसिक नियम है, लेकिन सबसे ज़रूरी है। अगर आप पहले दिन ही लेट हो गए, तो समझो आपने अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली।

  • रूल: ऑफिस टाइम से 15-20 मिनट पहले रिसेप्शन पर पहुँच जाएं।
  • सावधानी: 1 घंटा पहले भी मत पहुंचना। अगर ऑफिस 9 बजे खुलता है और आप 8 बजे जाकर खड़े हो गए, तो गार्ड आपको घूरता रहेगा और एचआर (HR) इरिटेट हो जाएगी। 15 मिनट का मार्जिन बेस्ट है। यह दिखाता है कि आप पंक्चुअल (Punctual) हैं और नौकरी को सीरियसली ले रहे हैं।

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2. ड्रेस कोड

ड्रेस कोड को लेकर बहुत कन्फ्यूजन होता है। “क्या मैं सूट-टाई पहनकर जाऊं? या जींस-टीशर्ट चलेगी?”

  • सेफ गेम खेलें: अगर आपको पक्का नहीं पता कि वहां का कल्चर कैसा है, तो Formals पहनना सबसे सुरक्षित है। एक साफ़ आयरन की हुई शर्ट और ट्राउज़र।
  • जींस से बचें: जब तक आप अपनी आँखों से वहां बाकी लोगों को जींस में न देख लें, तब तक पहले दिन जींस न पहनें।
  • इत्र/परफ्यूम: डिओडोरेंट लगाएं, लेकिन परफ्यूम की पूरी बोतल खुद पर न उड़ेलें। आप चाहते हैं कि लोग आपके काम से आपको याद रखें, आपकी खुशबू से नहीं।

3. मुस्कान आपका सबसे बड़ा हथियार है

ऑफिस में घुसते ही आप शायद किसी को नहीं जानते होंगे। सब अपने काम में बिजी होंगे। आपको लगेगा कि आप एलियन हैं। ऐसे में सिर्फ एक चीज़ काम आती है—Smile (मुस्कान)।

जिससे भी नज़र मिले, हल्का सा मुस्कुरा दें और “Good Morning” बोलें। चाहे वो ऑफिस का चपरासी हो, गार्ड हो या आपका बॉस। जो इंसान मुस्कुराता है, वो कॉन्फिडेंट दिखता है (भले ही अंदर से उसकी हवा टाइट हो)। रूखे या घमंडी मत दिखिए। याद रखिये, लोग टैलेंट बाद में देखते हैं, व्यवहार (Behaviour) पहले देखते हैं।

4. नोटबुक, आपका सबसे वफादार दोस्त

यह गलती 90% फ्रेशर्स करते हैं। वे खाली हाथ बॉस के केबिन में चले जाते हैं। कभी नहीं! अपने साथ हमेशा एक डायरी और पेन रखें। पहले दिन आपको बहुत सारी जानकारी दी जाएगी:

  • वाईफाई का पासवर्ड।
  • एचआर पोर्टल का लॉगिन।
  • टीम के लोगों के नाम।
  • लंच का टाइम।

इन सबको अपने दिमाग में रखने की कोशिश मत करें, भूल जाएंगे। हर छोटी चीज़ को लिख लें। जब आप नोट करते हैं, तो सामने वाले को लगता है कि आप सीरियस (Sincere) हैं और सीखने आए हैं।

5. सुनो ज्यादा, बोलो कम

पहले दिन आपको दुनिया को यह साबित नहीं करना है कि आप कितने होशियार हैं। पहले दिन आपको एक Spong (स्पंज) बनना है—सिर्फ सोखना है।

  • ऑब्जर्व करें कि लोग एक-दूसरे से कैसे बात कर रहे हैं। क्या वे “Sir/Ma’am” बोल रहे हैं या नाम ले रहे हैं?
  • देखें कि लंच कब होता है।
  • देखें कि बॉस का मूड कैसा रहता है।

मीटिंग में बीच में न बोलें जब तक आपसे पूछा न जाए। अभी आपका काम सिर्फ सिस्टम को समझना है। अपनी राय देने का मौका बाद में मिलेगा।

6. फोन को जेब में रखें

कॉलेज में हर 5 मिनट पर इंस्टाग्राम चेक करने की आदत थी? उसे घर छोड़ आएं। पहले दिन अगर आप बार-बार फोन चेक करते हुए पकड़े गए, तो यह बहुत बुरा सिग्नल देता है। फोन को साइलेंट (Vibrate) पर रखें और बैग या जेब में डाल दें। उसे तभी निकालें जब बहुत ज़रूरी कॉल हो या लंच ब्रेक हो। ऑफिस डेस्क पर फोन रखकर बार-बार नोटिफिकेशन चेक करना “अनप्रोफेशनल” माना जाता है।

7. IT वाले भैया से दोस्ती कर लें

ऑफिस के पहले दिन अगर कोई इंसान आपका सबसे ज्यादा साथ देगा, तो वो है आईटी (IT) डिपार्टमेंट का बंदा। वही आपको लैपटॉप देगा, ईमेल सेट करेगा, और पासवर्ड रिसेट करेगा। उससे प्यार से बात करें। अगर आपका सिस्टम पहले दिन नहीं चल रहा, तो चिल्लाएं नहीं। धैर्य रखें। कॉर्पोरेट में आईटी वालों से बनाकर रखना भविष्य में बहुत काम आता है।

8. “मुझे नहीं पता” बोलने में शर्म कैसी?

आपको शायद कोई ऐसा काम दिया जाए जो आपको नहीं आता। ऐसे में “हां सर, आता है” बोलकर फंसने से बेहतर है कि सच बोल दें। “सर, मैंने यह टूल पहले इस्तेमाल नहीं किया है, क्या आप मुझे थोड़ा गाइड कर सकते हैं या बता सकते हैं कि मैं किससे सीख सकता हूँ?”

फ्रेशर होने का फायदा यह है कि आपको “Stupid Questions” पूछने की छूट है। कोई आपसे यह उम्मीद नहीं कर रहा कि आपको सब कुछ आता है। पूछना सीखने की निशानी है, न पूछकर गलती करना बेवकूफी है।

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9. लंच अकेले न करें

लंच ब्रेक वह समय है जब असली नेटवर्किंग होती है। अगर कोई सहकर्मी (Colleague) पूछे—“लंच पर चलोगे?”—तो तुरंत हां बोल दें। भले ही आप घर से टिफिन लाए हों। अगर कोई न पूछे, तो हिम्मत करके अपने बगल वाले से पूछ लें—“आप लोग लंच कहां करते हैं? क्या मैं जॉइन कर सकता हूँ?”

अकेले कोने में बैठकर खाना खाने से आप टीम का हिस्सा नहीं बन पाएंगे। कैंटीन की गपशप में ही ऑफिस की असली पॉलिटिक्स और कल्चर समझ आता है।

10. घड़ी देखकर न भागें

शाम को अगर 6 बज गए हैं और आपकी शिफ्ट खत्म हो गई है, तो तुरंत बैग उठाकर भागने वाले पहले इंसान न बनें। देखें कि आपकी टीम क्या कर रही है। बॉस से पूछें—“Is there anything else needed for today?” (क्या आज के लिए कुछ और काम है?) शायद वो आपको जाने को कह दें, लेकिन यह पूछना दिखाता है कि आप घड़ी देखकर काम नहीं करते, ज़िम्मेदारी देखकर करते हैं।

दोस्त, पहला दिन यादों के लिए होता है, परफॉर्मेंस के लिए नहीं। आपसे गलतियां होंगी। आप प्रिंटर जाम करेंगे। आप किसी का नाम भूल जाएंगे। सब ठीक है।

खुद पर बहुत ज्यादा दबाव मत डालें। याद रखें, उन्होंने आपको इसलिए हायर किया है क्योंकि उन्हें आप पर भरोसा है। तो जाइए, अपनी सीट संभालिये और अपने करियर की शुरुआत कीजिये।

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