हवाई अड्डे पर जब आप उतरते हैं, तो एक तरफ चमकते हुए ड्यूटी-फ्री की दुकानें होती हैं और दूसरी तरफ सफेद वर्दी में खड़े कुछ ऑफिसर, जिनकी एक नज़र से अच्छे-अच्छों के पसीने छूट जाते हैं। जी हाँ, मैं बात कर रहा हूँ Customs Department की।
सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले छात्रों के बीच दो ही नौकरियां सबसे ज्यादा ‘हॉट’ मानी जाती हैं, पहली इनकम टैक्स और दूसरी कस्टम । इनकम टैक्स में ‘रेड’ का नशा है, तो कस्टम में ‘सफेद वर्दी’ का जलवा।
बहुत से नौजवान सिर्फ इसलिए कस्टम इंस्पेक्टर बनना चाहते हैं क्योंकि उन्हें वो वर्दी और उसके साथ मिलने वाला ‘सोशल स्टेटस’ चाहिए। मोहल्ले में जब लड़का वर्दी पहनकर निकलता है, तो बात ही कुछ और होती है।
लेकिन दोस्तों, रील और रियल लाइफ में फर्क होता है। कस्टम ऑफिसर बनना सिर्फ स्टाइल मारने का नाम नहीं है। यह देश की आर्थिक सीमाओं की रक्षा करने का काम है। तस्करों से सोना पकड़ना, ड्रग्स रोकना और कंटेनर्स की जांच करना, यह काम रोमांचक भी है और जोखिम भरा भी।
अगर आपके मन में भी सवाल है कि कस्टम ऑफिसर कैसे बनें? एग्जाम कौन सा देना पड़ता है? और क्या वाकई इसमें उतनी ‘ऊपरी कमाई’ है जितनी लोग बातें करते हैं? तो आज हम इस विभाग का पूरा कच्चा-चिट्ठा खोलेंगे।

1. कस्टम और एक्साइज में फर्क क्या है?
सबसे पहले कन्फ्यूजन दूर करते हैं। भारत में एक बोर्ड है—CBIC (Central Board of Indirect Taxes and Customs)। इसके तहत दो मुख्य विभाग आते हैं:
- GST/Central Excise: यह देश के अंदर बनने वाले सामान और टैक्स (GST) को देखता है। (यहाँ वर्दी खाकी होती है, पर अब कम पहनी जाती है)।
- Customs: यह देश के बाहर से आने वाले या जाने वाले सामान को देखता है। (एयरपोर्ट और बंदरगाह)। यहाँ ‘Preventive Officer’ को वो शानदार सफेद वर्दी मिलती है।
आज हम सिर्फ Customs की बात करेंगे क्योंकि सबसे ज्यादा क्रेज इसी का है।
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2. एंट्री कैसे मिलेगी?
कस्टम डिपार्टमेंट में घुसने के मुख्य रूप से दो बड़े रास्ते हैं। यह आपकी पढ़ाई और मेहनत पर निर्भर करता है कि आप कौन सा चुनते हैं।
(A) SSC CGL
यह सबसे लोकप्रिय रास्ता है। अगर आप ग्रेजुएट हैं, तो आप SSC CGL एग्जाम दे सकते हैं। इस एग्जाम के ज़रिए आप सीधे 3-स्टार वाली पोस्ट पर जा सकते हैं। इसमें दो मुख्य पोस्ट होती हैं:
- Preventive Officer (PO): यह वो पोस्ट है जिसे सफेद वर्दी मिलती है। इनका काम होता है एयरपोर्ट या पोर्ट पर पेट्रोलिंग करना, शिप (जहाज) की तलाशी लेना और स्मगलिंग रोकना। यह फील्ड जॉब है।
- Examiner: यह बहुत पावरफुल पोस्ट है। इनका काम मुख्य रूप से ‘पोर्ट’ (बंदरगाह) पर होता है। ये चेक करते हैं कि कंटेनर में जो सामान आया है, उस पर सही टैक्स लगा है या नहीं। वर्दी नहीं होती, लेकिन पावर बहुत होती है।
(B) UPSC Civil Services (IRS – C&CE)
अगर आपके सपने बहुत बड़े हैं, तो आप UPSC का एग्जाम देकर IRS (Indian Revenue Service – Customs & Central Excise) ऑफिसर बन सकते हैं। यहाँ आप सीधे ‘असिस्टेंट कमिश्नर’ (Assistant Commissioner) बनते हैं। आप उन इंस्पेक्टर्स के बॉस होते हैं जो SSC से आते हैं।
(C) Havaldar / Tax Assistant
अगर आप ऑफिसर लेवल पर नहीं जा पा रहे, तो आप SSC MTS या Havaldar का एग्जाम देकर भी डिपार्टमेंट का हिस्सा बन सकते हैं। हवलदार को भी वर्दी मिलती है और वो रेड या फील्ड वर्क में ऑफिसर्स के साथ रहते हैं।
3. Preventive Officer
एसएससी सीजीएल (SSC CGL) के छात्रों की पहली पसंद अक्सर ‘Preventive Officer’ होती है। क्यों? सिर्फ एक कारण—वर्दी। अशोक स्तम्भ वाली कैप और कंधों पर तीन सितारे।
काम कैसा है?
- एयरपोर्ट पोस्टिंग: यहाँ आपको शिफ्ट में काम करना होता है (जैसे 12 घंटे की शिफ्ट, फिर 24 घंटे का रेस्ट)। यहाँ काम है यात्रियों की चेकिंग करना। “सर, क्या आपके बैग में सोना है?”—यह सवाल आप ही पूछेंगे। यहाँ पब्लिक डीलिंग बहुत है।
- पोर्ट/फील्ड पोस्टिंग: यहाँ आपको पानी के जहाजों (Ships) पर जाना होता है। तलाशी लेनी होती है। कई बार समंदर के बीच में भी जाना पड़ता है। यह काम थकाने वाला है, लेकिन एडवेंचरस है।
फायदा: एक्स्ट्रा पैसा मिलता है (यूनिफार्म अलाउंस, ओवर-टाइम आदि)। नुकसान: शिफ्ट ड्यूटी की वजह से ‘स्लीप साइकिल’ (नींद) खराब हो सकती है। त्योहारों पर भी ड्यूटी लग सकती है।
4. Examiner
बहुत से लोग ‘एग्जामिनर’ (Examiner) को कस्टम विभाग की सबसे अच्छी पोस्ट मानते हैं। इसे “Best Post of SSC CGL” भी कहा जाता है।
क्यों?
- पावर: इंपोर्ट-एक्सपोर्ट का कोई भी सामान आपकी कलम के बिना क्लियर नहीं हो सकता। बड़े-बड़े बिजनेसमैन आपके साइन का इंतज़ार करते हैं।
- प्रमोशन: कस्टम विभाग में एग्जामिनर का प्रमोशन सबसे तेज़ होता है। आप जल्दी ‘Appraiser’ और फिर ‘Assistant Commissioner’ बन सकते हैं।
- वर्दी: इन्हें वर्दी नहीं पहननी पड़ती। ये फॉर्मल कपड़ों में ऑफिस में बैठते हैं।
अगर आपको वर्दी का शौक नहीं है और आप तेज़ प्रमोशन चाहते हैं, तो एग्जामिनर पोस्ट चुनें।
5. पोस्टिंग
यह कस्टम की नौकरी का सबसे कड़वा सच है। कस्टम का काम कहाँ होगा? जहाँ समंदर होगा या इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा। यानी—मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, कोच्चि, गोवा, विशाखापत्तनम।
अगर आप उत्तर भारत (दिल्ली, यूपी, बिहार, हरियाणा) के रहने वाले हैं, तो आपको जीवन भर घर से दूर रहना पड़ सकता है। कस्टम में दिल्ली या जयपुर जैसी जगहों पर पोस्टिंग बहुत कम होती है (सिर्फ एयरपोर्ट या छोटे ड्राई पोर्ट्स पर)। ज़्यादातर वैकेंसी कोस्टल एरिया (तटीय क्षेत्रों) में होती है। इसलिए, फॉर्म भरने से पहले सोच लें—क्या आप पूरी ज़िंदगी चेन्नई या मुंबई में गुजारने को तैयार हैं?
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6. सैलरी और सुविधाएं
बात करें ‘गांधी जी’ की। एक कस्टम इंस्पेक्टर (चाहे PO हो या Examiner) 4600 ग्रेड पे (Level 7) की नौकरी है।
- शुरुआती सैलरी (In-hand): आज के समय में, अगर आपकी पोस्टिंग मुंबई (X-City) में है, तो सब कट-कुटाकर आपके हाथ में लगभग 75,000 से 85,000 रुपये आते हैं।
- Petrol Bill: महीने का 30-40 लीटर पेट्रोल का पैसा मिलता है।
- Mobile Bill: फ़ोन का खर्चा भी सरकार देती है।
- LTC: घूमने-फिरने का खर्चा।
- Flat: सरकारी क्वार्टर मिलता है (अगर खाली हो तो)।
7. ऊपरी कमाई
देखिये, हम सबने किस्से सुने हैं। “कस्टम में तो नोटों की बारिश होती है।” लेकिन 2026 में हकीकत थोड़ी बदल गई है।
- Digitization: अब सारा कस्टम क्लीयरेंस ऑनलाइन हो रहा है। ‘फेसलेस’ सिस्टम आ रहा है। ऑफिसर और बिजनेसमैन का आमना-सामना कम हो गया है।
- सख्ती: सीबीआई (CBI) और विजिलेंस की टीमें बहुत एक्टिव हैं। एयरपोर्ट पर कैमरे लगे हैं।
हाँ, यह सच है कि कस्टम एक ‘Sensitive’ डिपार्टमेंट है और यहाँ करप्शन के मौके (Opportunities) अब भी हैं, लेकिन रिस्क बहुत ज़्यादा है। नौकरी जाने का खतरा हमेशा बना रहता है। लेकिन ईमानदारी से भी जो सैलरी और इज़्ज़त मिलती है, वो किसी भी प्राइवेट जॉब से लाख गुना बेहतर है।
कस्टम ऑफिसर बनना एक अलग ही दुनिया में कदम रखने जैसा है। अगर आप एक ऐसी नौकरी चाहते हैं जो 9-से-5 की बोरिंग डेस्क जॉब न हो। अगर आपको तस्करों को पकड़ने का रोमांच चाहिए। अगर आपको वर्दी का नशा है। और सबसे ज़रूरी—अगर आप अपने घर (उत्तर भारत) से दूर रहने को तैयार हैं।
तो SSC CGL की तैयारी शुरू कीजिये। यह आसान नहीं है। लाखों बच्चे बैठते हैं। लेकिन जिस दिन आप वो सफेद वर्दी पहनकर एयरपोर्ट के हॉल में चलेंगे, उस दिन आपको लगेगा कि सारी मेहनत वसूल हो गई।