RRB Group D: सिर्फ़ ‘नौकरी’ नहीं, मिडिल क्लास का ‘सपना’ पूरी जानकारी

भारत में दो ही चीज़ें सबसे ज़्यादा फेमस हैं—एक क्रिकेट, और दूसरी रेलवे की भर्ती। जब भी रेलवे (RRB) कोई वैकेंसी निकालता है, तो फॉर्म भरने वालों की संख्या लाखों में नहीं, करोड़ों में होती है। और उसमें भी सबसे ज़्यादा मारामारी जिस पोस्ट के लिए होती है, वो है—Group D

लोग इसे “गैंगमैन” या “खलासी” की नौकरी कहकर मज़ाक उड़ा सकते हैं, लेकिन सच यह है कि एक 10वीं पास लड़के के लिए यह नौकरी किसी लॉटरी से कम नहीं है। सोचिये, सिर्फ़ 10वीं की मार्कशीट पर आपको केंद्र सरकार (Central Govt) की पक्की नौकरी, फ्री ट्रेन पास, मेडिकल सुविधा और रिटायरमेंट तक की सुरक्षा मिल रही हो—तो भीड़ तो होगी ही न?

लेकिन दोस्तों, भीड़ का हिस्सा बनने से नौकरी नहीं मिलती। नौकरी उसे मिलती है जिसे पता हो कि ‘चक्रव्यूह’ कैसे तोड़ना है। बहुत से छात्र फॉर्म तो भर देते हैं, लेकिन उन्हें पता ही नहीं होता कि अंदर काम क्या करना पड़ेगा, फिजिकल टेस्ट में क्या होगा, या साइंस (Science) के सवाल कहाँ से आएंगे।

आज हम RRB Group D का पूरा कच्चा-चिट्ठा खोलेंगे। अगर आप 2026 में रेलवे में अपनी एक सीट पक्की करना चाहते हैं, तो यह ब्लॉग आपके लिए ही है।

RRB Group D Exams

1. Group D आखिर है क्या?

सबसे पहले यह समझ लीजिये कि Group D का मतलब सिर्फ़ पटरी पर हथौड़ा चलाना नहीं है। रेलवे एक बहुत बड़ा शहर है और उसे चलाने के लिए हज़ारों तरह के काम चाहिए। इस भर्ती के ज़रिये आप इन पदों पर जा सकते हैं:

  • Track Maintainer (Trackman): यह सबसे कॉमन पोस्ट है। काम है पटरियों की देखभाल करना। यह मेहनत का काम है (धूप, बारिश, सर्दी सबमें)।
  • Pointsman: यह एक अच्छी पोस्ट मानी जाती है। इसका काम है ट्रेन की पटरियों को बदलना (Lever operate करना) या सिग्नल चेक करना।
  • Assistant (Workshop/Shed): यहाँ आप वर्कशॉप के अंदर काम करते हैं। इंजनों की मरम्मत या कोच की देख-रेख में मदद करना।
  • Hospital Attendant: रेलवे अस्पतालों में मदद करना।

यह “Blue Collar” जॉब है। यहाँ आपको एसी (AC) कमरे में कुर्सी नहीं मिलेगी, यहाँ आपको पसीना बहाना पड़ेगा। लेकिन बदले में जो सुकून की नींद मिलेगी, वो प्राइवेट नौकरी में नहीं है।

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2. कौन भर सकता है फॉर्म?

रेलवे में नियमों को लेकर हमेशा कन्फ्यूजन रहता है—“सर, क्या ITI ज़रूरी है?”

देखिये, रेलवे बोर्ड ने साफ़ किया है कि भविष्य की भर्तियों के लिए कुछ टेक्निकल पोस्ट्स (खासकर इंजीनियरिंग, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल डिपार्टमेंट) में 10th + ITI (National Apprenticeship Certificate) अनिवार्य हो सकता है। लेकिन, सिविल इंजीनियरिंग, मेडिकल और ट्रैफिक डिपार्टमेंट की कुछ पोस्ट्स के लिए सिर्फ़ 10th Pass भी चल सकता है।

  • उम्र सीमा (Age Limit):
    • General: 18 से 33 साल।
    • OBC: 3 साल की छूट (18-36)।
    • SC/ST: 5 साल की छूट (18-38)।

अगर आप 10वीं पास हैं और शरीर से फिट हैं, तो आप इस रेस में शामिल हैं।

3. चयन प्रक्रिया

यहाँ सिफारिश नहीं चलती। आपको तीन दरवाज़े तोड़ने होंगे:

Step 1: CBT (Computer Based Test) यह असली जंग है। करोड़ों लोगों की छंटनी यहीं होती है।

  • समय: 90 मिनट।
  • सवाल: 100।
  • नेगेटिव मार्किंग: 1/3 (यानी 3 गलत जवाब पर 1 सही नंबर कट जाएगा)। तुक्का मारने वालों का खेल यहीं खत्म हो जाता है।

Step 2: PET (Physical Efficiency Test) लिखित परीक्षा पास करने के बाद आपको बुलाया जाएगा यह देखने के लिए कि क्या आप रेलवे का भारी काम कर सकते हैं? (लड़कों और लड़कियों के लिए नियम अलग हैं)।

Step 3: Document Verification (DV) & Medical यहाँ आपके कागज चेक होंगे और यह देखा जाएगा कि आपकी नज़र (Eyesight) और सेहत कैसी है। रेलवे में आँखों का टेस्ट (Medical Standard A2, B1 आदि) बहुत सख्त होता है।

4. सिलेबस

यहीं पर ज़्यादातर बच्चे गलती करते हैं। वो इतिहास-भूगोल रटने लगते हैं, जबकि Group D का हीरो ‘Science’ है।

  1. General Science (25 नंबर): यह “गेम-चेंजर” है। इसमें Physics, Chemistry और Biology के सवाल आते हैं, लेकिन सिर्फ़ 10वीं स्तर के
    • टिप: लुसेंट या बड़ी किताबें छोड़िये। चुपचाप 9वीं और 10वीं की NCERT की साइंस की किताब को घोट कर पी जाइये। सवाल वहीं से आते हैं।
  2. Mathematics (25 नंबर): बेसिक गणित। बोडमास (BODMAS), प्रतिशत, समय और कार्य, ब्याज।
  3. Reasoning (30 नंबर): यह सबसे ज़्यादा नंबर वाला हिस्सा है। कोडिंग-डिकोडिंग, दिशा, कथन-निष्कर्ष। इसमें आप 30 में से 28 आराम से ला सकते हैं।
  4. General Awareness & Current Affairs (20 नंबर): पिछले 1 साल का करेंट अफेयर्स पढ़ें। स्पोर्ट्स, नई नियुक्तियां, और साइंस-टेक। इतिहास-भूगोल पर ज़्यादा वक़्त बर्बाद न करें क्योंकि उसका सिलेबस समुंदर है और सवाल कम आते हैं।

5. Physical Test

बहुत से लोग रिटर्न एग्जाम निकाल लेते हैं लेकिन फिजिकल में फेल हो जाते हैं क्योंकि उन्होंने कभी प्रैक्टिस नहीं की होती। PET में दो काम करने होते हैं:

  1. वज़न उठाना:
    • Male: 35 किलो की बोरी (रेत से भरी हुई) उठाकर 100 मीटर चलना है, 2 मिनट में। (बोरी को जमीन पर नहीं रखना है)।
    • Female: 20 किलो की बोरी, 100 मीटर, 2 मिनट में।
  2. दौड़ (Running):
    • Male: 1000 मीटर (1 किमी) की दौड़ 4 मिनट 15 सेकंड में।
    • Female: 1000 मीटर की दौड़ 5 मिनट 40 सेकंड में।
  • सावधानी: वज़न उठाने वाले टेस्ट में बहुत बच्चे फेल होते हैं क्योंकि उन्हें बोरी पकड़ने की तकनीक नहीं पता होती। इसे कंधे पर या कमर पर अच्छे से सेट करना होता है।

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6. सैलरी

अब आते हैं ‘विटामिन M’ पर। Group D का बेसिक पे (Level 1) ₹18,000 है। लेकिन रुकिए, यह सिर्फ़ बेसिक है। रेलवे अपने कर्मचारियों को बहुत सारे भत्ते (Allowances) देता है:

  • DA (महंगाई भत्ता)
  • HRA (घर का किराया भत्ता)
  • TA (ट्रेवल अलाउंस)
  • Night Duty Allowance (अगर रात में काम किया)
  • Risk & Hardship Allowance (ट्रैक मेंटेनर के लिए)

सब मिलाकर, ज्वाइन करते ही आपकी इन-हैंड सैलरी (In-hand salary) शहर के हिसाब से ₹26,000 से ₹32,000 के बीच बनती है। एक 10वीं पास छात्र के लिए करियर की शुरुआत में यह एक बहुत अच्छी रकम है।

7. काम की हकीकत

मैं आपको झूठ नहीं बोलूंगा। यह नौकरी आसान नहीं है। अगर आप ट्रैक मेंटेनर (Trackman) बनते हैं, तो आपको भारी लोहे के औजार उठाने पड़ेंगे। आपको पटरी पर पैदल गश्त (Patrol) लगानी पड़ेगी। रेलवे की नौकरी 24×7 चलती है, इसलिए शिफ्ट कभी भी लग सकती है।

लेकिन इसका दूसरा पहलू यह है कि अगर आप पढ़ने में तेज़ हैं, तो आप LDCE (Departmental Exam) देकर 3 साल के अंदर स्टेशन मास्टर या क्लर्क बन सकते हैं। बहुत से लोग Group D में ज्वाइन करते हैं और फिर डिपार्टमेंटल एग्जाम देकर आज बड़े ऑफिसर बने बैठे हैं। Group D सिर्फ़ एक सीढ़ी है, मंज़िल नहीं।

दोस्तों, रेलवे Group D उन लोगों के लिए एक वरदान है जो मिडिल क्लास या गरीब परिवार से आते हैं और जल्दी अपने पैरों पर खड़ा होना चाहते हैं। कॉम्पिटिशन डराने वाला है (1 करोड़ फॉर्म!), लेकिन याद रखिये—उस भीड़ में 90% लोग सिर्फ़ ‘ट्रायल’ लेने आते हैं। असली टक्कर सिर्फ़ 1-2 लाख सीरियस पढ़ने वालों से है।

अगर आपकी साइंस (Science) और रीजनिंग (Reasoning) मज़बूत है, और आप थोड़ी-बहुत दौड़ लगा सकते हैं, तो यह नौकरी आपकी हो सकती है। 2026 में भर्ती जब भी आए, अपनी तैयारी पूरी रखिये। फॉर्म भरने का इंतज़ार मत कीजिये, पढ़ने का इंतज़ार कीजिये।

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